冰与火之歌第一季
भारत हिंदू राष्ट्र ही है, घोषित करने की आवश्यकता नहीं... RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत का बड़ा बयान_我的网站

一 | नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। भारत के हिंदू राष्ट्र की अवधारणा को कल्पना बताने वालों को दो टूक जवाब देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू राष्ट्र घोषित नहीं करना है, वह है। ऋषि-मुनियों ने उसको घोषित कर दिया है। वह सत्य है।,यह किसी अधिकृत घोषणा का मोहताज नहीं है। उन्होंने कहा कि इसे मानने वाले को लाभ है, नहीं मानने वालों का नुकसान, नहीं तो उसे आजमाकर देख लो। संघ प्रमुख ने यह भी स्पष्ट किया कि हिंदू शब्द पर संघ का आग्रह बना रहेगा।,कहा, इसका हमारी संस्कृति से जुड़ाव है। इसे कोई भारतीय, हिंदवी या आर्य कहें उसका विरोध नहीं है। यह भारतीयता के तौर पर सबको जोड़ने वाला एक मात्र शब्द है। इस्लाम को खतरे के सवाल पर मोहन भागवत ने कहा कि इस्लाम नहीं रहेगा ये सोचने वाला हिंदू सोच का नहीं है। हिंदू सोच ऐसी नहीं है।,पहले दिन से जब से इस्लाम भारत में आया उस दिन से इस्लाम यहां है और रहेगा। लेकिन हिंदू-मुस्लिम के बीच की दूरी को पाटने के लिए अविश्वास खत्म करना होगा। एक तरफ, यह डर कि हिंदुओं के पास गए तो धर्म से चले जाएंगे, दूसरी तरफ हिंसात्मक इतिहास का डर। इसके कारण 75 वर्ष बाद भी आज अविश्वास बनी हुई है। इसके लिए अरब व तुर्किये से नहीं देश से जुड़ना होगा।,मथुरा-काशी मंदिर को लेकर आंदोलन के सवाल को अस्वीकृत करते हुए संघ प्रमुख ने कहा आंदोलन में संघ जाता नहीं है। मात्र एक राम मंदिर का आंदोलन था, जिससे संघ जुड़ा और उसको आखिरी तक ले गया। भागवत ने स्पष्ट रेखा खिंचते हुए कहा कि अब बाकि आंदोलनों में संघ नहीं जाएगा। लेकिन हिंदू मानस में काशी, मथुरा व अयोध्या को लेकर आस्था है तो हिंदू समाज आग्रह करेगा। संस्कृति और समाज के हिसाब से संघ इस आंदोलन में नहीं जाएगा, लेकिन स्वयंसेवक जा सकते हैं, वह हिंदू हैं। मैंने पहले भी कहा कि इन तीन को छोड़कर हर जगह मंदिर व शिवलिंग मत ढूंढो। साथ ही मुस्लिम समाज को उदारता दिखाने को कहते हुए कहा कि मैं अगर हिंदू संगठन का प्रमुख होने के नाते यह कह सकता हूं तो थोड़ा इतना भी होना चाहिए कि उधर से भी यह होता कि चलो तीन की ही बात है न, तो ले लो। यह भाई चारे के लिए एक बड़ा कदम आगे होगा।,यह भी पढ़ें- कपास पर इंपोर्ट ड्यूटी माफ करना अमेरिका के सामने घुटने टेकने जैसा... केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना。

二 | डिजिटल डेस्क, शिमला। Himachal Weather Report: उत्तरी राज्यों में इस दौरान मौसम कहर ढहा रहा है, जहां जम्मू-कश्मीर में बारिश और भूस्खलन का दौर जारी है। वहीं, हिमाचल में भी अनवरत बाढ़ और भूस्खलन से जुड़ी खबरें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ,हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, बाढ़ और उससे जुड़ी तबाही के कारण 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है, जिसका आकलन अभी भी जारी है। वहीं, इस मानसून सीजन में आपदा से संबंधित घटनाओं में 310 लोगों की मौत हो गई है।,राज्य के राजस्व, बागवानी और जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने एएनआई को बताया कि लगातार मौसम संबंधी व्यवधानों के कारण बहाली कार्य में समय लग रहा है। नेगी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण भारी नुकसान हुआ है।,सड़कें, बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हुई है। कल शाम तक 793 सड़कें अवरुद्ध थीं। आज सुबह यह संख्या 683 हो गई। उन्होंने आगे कहा कि कुल्लू ज़िला, मनाली से बंजार तक, बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जबकि मंडी और चंबा ज़िलों को भी भारी नुकसान हुआ है।,उन्होंने कहा कि हमारे विभाग में, सभी उप-मंडल अधिकारी, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियाँ अपने कर्तव्यों का अच्छी तरह से पालन कर रही हैं। वर्तमान में, तीन प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हैं। इनमें एनएच-305 (मनाली-लेह मार्ग), एनएच-5 और एनएच-3 शामिल हैं। ,एसडीएमए ने चेतावनी दी है कि मानसून की स्थिति अभी भी सक्रिय है, जिससे भूस्खलन और बाढ़ का खतरा अधिक बना हुआ है। एसडीएमए ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और आधिकारिक सलाह के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया है। वहीं, आगामी दिनों में भी मौसम यूं ही बना रहेगा।,(समाचार एजेंसी पीटीआई इनपुट के साथ)。
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Published on:10:29:02

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